Wednesday, February 16, 2011

ek chehra

        ********** एक चेहरा*********

एक चेहरा जो ऑरों को हसना सिखलाता है 
गम के अंधेरो में भी खुशियों की अलख जगाता है 
बाधाओं के बाढ़ को भी हंस कर पर करना जिसे आता है 
एक चेहरा ....................
मुख मंडल पे  कभी कभी आक्रोश की आकृति भी  उभरती है
गुस्से में लाल चेहरे की भाव भंगिमा दिखती है 
बड़ी संजीदगी इसे हंसी में बदलना जिसे आता है 
एक चेहरा ....................
प्रबल इच्छाशक्ति जिसकी अभिलाषा है 
कार्यो में जिसके समर्पण भाव नज़र आता है
उम्मीद की किरणों जिसने बरबस अपनी और खींचा है
जिंदगी का हर क्षण जिसे नई सिख देता है 
एक चेहरा..................
जिंदगी हद मोड़ पर  इम्तहान लेने को खड़ी है
उस इम्तहान के इंतजार में वो खड़ी है 
आखो में थोड़ी सी झिझक पर  मन में अडिग विश्वास झलकता है
मुश्किलों के थपेड़ो से कश्ती को किनारा करना जिसे आता है 
एक चेहरा जो औरो को हँसना सिख्लता है.
 





1 comment:

  1. lajawab kavita hai, dil ko chune wali, eske liye amit ko meri or se bahut sari badahai...

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