तेरे होठो की हंसी हमें खूब भाती है
आँखे अथाह गहराइया बताती है
मुखड़ा सुन्दर सुबह दिखता है
ये बिंदिया ये काजल ये लाली भी गजब ढाती है
तेरे होठो की हंसी ................
बिस्तर पे लेटा सुनहरी यादों में खो रहा था
सपनो को रंग भर रहा था
चंचल हवा खिड़की से आती है
झकझोर कर किसी का एहसास करवाती है
अनायास ही तुम्हारी याद आती है
तेरे होठों की हंसी ...............
कभी कभी जब गुस्सा तुम्हारी हंसी को मुह चिढ़ाता
दिल बेचैन सा हो जाता है
ये और बात है की हमारी हरकतों से आपकी हंसी वापस आती है
वर्ना हमे कहाँ किसी का दिल बहलाना आता है
तेरे होठों की हंसी .................
किसी आँगन की अठखेलियाँ बरबस आकर्षित करती है
बेईमान मौसम भी बड़ा उकसाता है
इतने में तेरे आने की आहत होती है
ऐसा लगता है जैसे झूम के सावन आता है
तेरे होठों की हंसी हमे खूब भाती है
आँखे अथाह गहराइया बताती है
मुखड़ा सुन्दर सुबह दिखता है
ये बिंदिया ये काजल ये लाली भी गजब ढाती है
तेरे होठो की हंसी ................
बिस्तर पे लेटा सुनहरी यादों में खो रहा था
सपनो को रंग भर रहा था
चंचल हवा खिड़की से आती है
झकझोर कर किसी का एहसास करवाती है
अनायास ही तुम्हारी याद आती है
तेरे होठों की हंसी ...............
कभी कभी जब गुस्सा तुम्हारी हंसी को मुह चिढ़ाता
दिल बेचैन सा हो जाता है
ये और बात है की हमारी हरकतों से आपकी हंसी वापस आती है
वर्ना हमे कहाँ किसी का दिल बहलाना आता है
तेरे होठों की हंसी .................
किसी आँगन की अठखेलियाँ बरबस आकर्षित करती है
बेईमान मौसम भी बड़ा उकसाता है
इतने में तेरे आने की आहत होती है
ऐसा लगता है जैसे झूम के सावन आता है
तेरे होठों की हंसी हमे खूब भाती है